हिंदू धर्म से संबंधित सुधारक संस्थाएँ - प्रार्थना समाज Notes For Prelims Exam and Oneday Exam | प्रार्थना समाज Notes

हिंदू धर्म से संबंधित सुधारक संस्थाएँ

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प्रार्थना समाज 

महाराष्ट्र में 1867 में ' प्रार्थना समाज ' की स्थापना हुई । इस संगठन का उद्देश्य हिंदू धर्म तथा समाज में सुधार लाना था । इसने एक ब्रह्म की उपासना का संदेश दिया और धर्म को जातिगत रूढ़िवादिता से मुक्त करने का प्रयास किया । प्रार्थना समाज की स्थापना डॉ . आत्माराम पांडुरंग ने की । बाद में आर . जी . भंडारकर तथा महादेव गोविंद रानाडे इस संगठन में शामिल हुए । इस समाज को प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय रानाडे को ही जाता है । प्रार्थना समाज की स्थापना के प्रेरणा स्रोत केशव चंद्र सेन थे 

1870 ( कुछ स्रोतों में 1867 ) में रानाडे ने पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना की । इनकी तीक्ष्ण मेधाशक्ति के कारण इन्हें ' महाराष्ट्र का सुकरात ' भी कहा जाता था । उन्होंने अछूतों , दलितों व पीड़ितों की दशा सुधारने के उद्देश्य से कल्याणकारी संस्थाओं का गठन किया , जैसे- विधवा आश्रम , रात्रि पाठशालाएँ आदि । 

1884 में दक्कन एजुकेशन सोसायटी की स्थापना हुई । दक्कन एजुकेशन सोसायटी के सदस्यों में तिलक , महादेव बल्लाल नामजोशी , विष्णुशास्त्री चिपलूणकर और गोपाल गणेश आगरकर शामिल थे । रानाडे द्वारा महाराष्ट्र विधवा पुनर्विवाह एसोसिएशन की स्थापना की गई । रानाडे के शिष्य गोपाल कृष्ण गोखले ने ' सर्वेट्स ऑफ इंडिया सोसायटी ' ( 1905 ) की स्थापना की । 

➤  प्रार्थना समाज के सिद्धांत और विचार भी ब्रह्म समाज के अनुरूप ही थे । इसने जाति प्रथा की समाप्ति , विधवाओं के पुनर्विवाह , नारी - शिक्षा को बढ़ावा , बाल - विवाह के अंत आदि के पक्ष में प्रभावपूर्ण आवाज़ उठाई । 

प्रार्थना समाज धार्मिक गतिविधियों की अपेक्षा सामाजिक क्षेत्र में अधिक कार्यशील रहा और पश्चिमी भारत में समाज सुधार संबंधी विभिन्न क्रियाओं का केंद्र बना । 

प्रार्थना सभा ने भारत के सामाजिक और धार्मिक सुधार की एक क्रमिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया । साथ ही इसने अपने बाद के संगठनों , जैसे- ' आर्य समाज ' और ' रामकृष्ण मिशन ' के लिये एक आधार का कार्य किया । इसके अतिरिक्त इसने भारतीय समाज की बुराइयों के प्रति सुधारवादी रवैया अपनाकर और इसकी अच्छाइयों को उभारकर पश्चिमी सभ्यता के अहम को तोड़ने और भारतीय सभ्यता को पुनः उसके पुराने स्थान पर स्थापित करने में सहायता की ।

हिंदू धर्म से संबंधित सुधारक संस्थाएँ  - प्रार्थना समाज

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